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आज दिनांक:- 08-08-2026 को औरंगाबाद सिविल सर्जन के द्वारा गठित जांच टीम

Admin ·3 min read ·August 8, 2026 ·7 views
आज दिनांक:- 08-08-2026 को औरंगाबाद सिविल सर्जन के द्वारा गठित जांच टीम
यहां अनुमंडलीय अस्पताल,दाऊदनगर में अस्पताल की व्यवस्था की जांच करने आई जिसमें डॉ रविरंजन (यक्ष्मा पदाधिकारी), डॉ मिथिलेश कुमार सिंह (DIO), डॉक्टर सुनील कुमार शामिल थे । उपर्युक्त जांच टीम में शामिल पदाधिकारियों के समक्ष दाऊदनगर शहर के सांसद प्रतिनिधि मो कयूम अंसारी के नेतृत्व में आम जनता की ओर से मिलकर अनुमंडलीय अस्पताल की कुव्यवस्था की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया तथा सैकड़ों जनता का हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन सौंपा । जांच टीम के समक्ष उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने जांच टीम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इस अनुमंडलीय अस्पताल में एक डॉक्टर मो इरफानूल जोहा को छोड़कर कोई भी डॉक्टर सप्ताह में 48(अडतालीस) घंटे की ड्यूटी नहीं कर पाते हैं । यहां तक कि OPD में भी शायद ही कोई डॉक्टर बैठते हैं । रात्रि में डॉक्टर मो इरफानूल जोहा को छोड़कर शायद ही कोई डॉक्टर यहां रह पाते हैं । ऐसी परिस्थिति में जिस दिन रात्रि में डॉक्टर इरफानूल जोहा की ड्यूटी नहीं रहती है ; उस दिन पूरा अस्पताल नर्सों एवं कंपाउंडरों के भरोसे चलता है जिसके कारण यहां आए दिन या तो सस्ते में मरीजों की जान चली जाती है या उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में जाकर जान बचानी पड़ती है । महिला डॉक्टर तो किसी भी दिन रात्रि में इमरजेंसी ड्यूटी में नहीं रहती हैं जिसके कारण अक्सर इस अस्पताल में जच्चा या बच्चा अथवा दोनों की जान चली जाती है । लैब टेक्नीशियन भी रात्रि में यहां नहीं रह पाते हैं । दुखद तो यह है कि यहां इस अस्पताल में 32 डॉक्टरों का स्वीकृत पद है लेकिन केवल आठ डॉक्टर ही यहां पोस्टेड हैं । ऐसी परिस्थिति में यहां आक्रोशित जनता की ओर से हो हल्ला भी किया जाता है जिसे मौजूदा अस्पताल प्रभारी द्वारा सुनकर भी अनसुना कर दिया जाता है|प्रतिनिधिमंडल ने जांच टीम का ध्यान इस तथ्य की ओर भी आकृष्ट कराया कि यहां वरीय डॉक्टर के उपलब्ध रहते हुए मोस्ट जूनियर डॉक्टर को प्रभार में रखा गया है जो यहां की कुव्यवस्था की सबसे बड़ी वजह है । उदाहरण स्वरूप प्रतिनिधिमंडल ने जांच टीम को आज का ही एक मरीज का कटा हुआ पुर्जा दिखलाया जिसपर डॉक्टर अमृत कुमार का नाम दर्ज है लेकिन वे ओपीडी में अनुपस्थित थे । प्रतिनिधिमंडल ने ऐसे कुव्यवस्था के ऐसे कई उदाहरण दिए तथा जांच टीम से उन्हें ठीक करने का अनुरोध किया। यह भी सूचित किया गया कि अब इस क्षेत्र के जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है । यदि शीघ्र ही कुव्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो यहां की स्थानीय जनता आंदोलन में भी जायेगी जिसकी सारी जवाबदेही स्वास्थ्य विभाग की है । जांच टीम ने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य विभाग यहां की व्यवस्था संबंधित सारी शिकायतों को दूर करने का प्रयास करेगा। जांच टीम ने प्रतिनिधिमंडल का ज्ञापन रखते हुए इससे विभाग को अवगत कराने का आश्वासन दिया| स्वास्थ्य विभाग के इस इस जांच से मिलने वाले जन प्रतिनिधिमंडल में दाऊदनगर शहर के सांसद प्रतिनिधि मो कयूम अंसारी के अलावा राजकमल कुमार सिंह, सुरेन्द्र सिंह, कृष्णा प्रसाद चंद्रवंशी,संजय कुमार, आदि मौजूद थे । मो कयूम अंसारी * टाऊन सांसद प्रतिनिधि,दाऊदनगर * जिला:- औरंगाबाद(बिहार)