World · BREAKING

30 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में फंसीं रफीगंज प्रमुख, डीएम ने मांगा जवाब, नहीं तो पद से हटेंगीं गीता सिंह।

Admin ·Rafiganj Aurangabad ·3 min read ·July 16, 2026 ·1 views
30 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में फंसीं रफीगंज प्रमुख, डीएम ने मांगा जवाब, नहीं तो पद से हटेंगीं गीता सिंह।
रफीगंज (औरंगाबाद) 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं में कमीशनखोरी और भुगतान में जानबूझकर देरी बरतने के गंभीर आरोपों पर औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने पंचायत समिति रफीगंज की प्रमुख गीता सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पदमुक्ति की चेतावनी भी दी गई है। *क्या है पूरा मामला ?* *1. आरोप नंबर 1 - साल भर से भुगतान लंबित* पंचायत समिति सदस्य क्षेत्र संख्या-27 की अजबुन निशा ने शिकायत की थी कि 15वीं वित्त योजना संख्या 34/2025-26 एवं 80/2025-26 का काम लगभग एक साल पहले पूरा हो चुका है। बीडीओ ने भुगतान की सारी प्रक्रिया पूरी कर दी है, लेकिन प्रमुख के स्तर से फाइल रोकी हुई है। *2. आरोप नंबर 2 - 30% कमीशन की मांग* क्षेत्र संख्या-23 की सदस्य जैनब फहमी ने आरोप लगाया है कि योजना संख्या 26, 27 एवं 28/2025-26 में सामग्री का भुगतान हो चुका है, लेकिन मजदूरों और वेंडरों के भुगतान के लिए प्रमुख द्वारा 30 प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा है। कमीशन नहीं देने पर भुगतान जानबूझकर लटकाया जा रहा है। *3. जांच में आरोपों की पुष्टि* क्षेत्र संख्या-16 के सदस्य जनेश्वर पासवान ने भी इसी तरह की शिकायत क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी, मगध प्रमंडल, गया से की थी। शिकायत पर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, रफीगंज से संयुक्त जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई योजनाओं में मजदूरों के भुगतान की प्रक्रिया मेकर लॉगिन से पूरी होने के बावजूद प्रमुख के लॉगिन से बार-बार भुगतान अस्वीकृत (Reject) किया गया, जिससे मजदूरों को आज तक पैसा नहीं मिल पाया। *डीएम ने नोटिस में क्या कहा ?* डीएम ने अपने नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रमुख द्वारा अपने कर्तव्यों का जानबूझकर निर्वहन नहीं किया जा रहा है और पद की शक्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसी आधार पर उन्हें नोटिस प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 44(4) के तहत प्रमुख को पदमुक्त करने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेज दी जाएगी। वहीं, बीडीओ, रफीगंज को निर्देश दिया गया है कि नोटिस को प्रमुख को तामील कराकर तामिला रिपोर्ट जल्द से जल्द जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं। #RafiGanj #Aurangabad #Pramukh #GeetaSingh #AbhilashaSharma #Commission #BiharPanchayat